एक सवाल

 


"एक सवाल"


     हालांकि मेरा कोई बड़ा नाम तो नहीं है लेकिन मैं एक #भारतीय नागरिक होने के नाते देश के #प्रधानमंत्री जी से एक सवाल पूछने का अधिकार रखता हूँ जो कि बाबा साहब ने हमें संविधान में दिया है, कि आप एक क्रिकेटर के अंगूठे में चोट लगने का तो ट्वीट करके दुख जताते हैं ।


     लेकिन अब जब हजारों हजारों लोग देश में रोज मर रहे हैं #कोरोना से व #ऑक्सीजन के अभाव में क्या आप के अंदर उनके प्रति संवेदनाएं नहीं जगती ? आपके अंदर आपका मन नहीं झगजोर रहा आपको ? क्या आपको इतनी आसानी से रात को नींद आ जाती है ? इतनी मौतों का जिम्मेदार कौन है ?


     क्या आप एक बार भी यह सोच सकते हैं की यह जानें बचाई जा सकती थीं, आपको नींद कैसे आ जाती है ? जबकि हमारे परिवार में से केवल 2 लोगों की मृत्यु हुई हमें तब नींद नहीं आ रही तो, यह देश तो आपका पूरा परिवार है और यहां हर रोज हजारों हजारों लोग मर रहे हैं और आप सिर्फ टीवी पर आकर मन की बात कर रहे हैं ? 


     देश का नागरिक होने के नाते एक सवाल मैं आपसे कर रहा हूं मोदी जी वक्त रहते इस #महामारी से निपटने का पूर्ण इलाज खोजिए चाहे #वैक्सीनेशन हो, #लॉकडाउन हो या कुछ और नहीं तो भविष्य में - आपने अगर कुछ अच्छा भी किया है उसे नहीं लोग यह जरूर याद रखेंगे कि जब हर रोज हजारों हजारों लोग मर रहे थे तब देश का प्रधानमंत्री -

"नरेंद्र दामोदरदास मोदी थे" ।


     और एक सवाल देश में कहीं भी चुनाव हो चाहे वह 'विधानसभा चुनाव' या 'लोकसभा चुनाव' हो या छोटे स्तर पर 'जिला पंचायत' या उससे भी और छोटे स्तर पर 'ग्राम पंचायत चुनाव' वोट के लिए, वोट मांगने के लिए सैकड़ों सैकड़ों की भीड़ हर रोज और घर-घर घूमती है सिर्फ कुर्सी की ख़ातिर, लेकिन जब इस तरह की विपदा पूरे देश में आन पड़ी है तब ग्राम #प्रधान तो छोड़िए आपके क्षेत्र के #विधायक, #सांसद सब नदारद है, सब गायब है ?


     अभी कुछ दिन पहले कई प्रदेशों में चुनाव थे तो हमारे देश के #प्रधानमंत्री और कई कई राज्यों के #मुख्यमंत्री एक प्रदेश में जाकर वोट मांगते हैं सिर्फ सत्ता की खातिर जबकि महामारी फैली हुई है उस को दरकिनार करते हुए कि भविष्य में इसका क्या रिजल्ट होगा, लेकिन जब महामारी की बात आती है मदद करने की बारी आती है तो यही सांसद, विधायक यही हमारे नेता तथाकथित नेता, (यहाँ मैं किसी पार्टी का पत्थर नहीं हूं ) कहीं भी नहीं दिख रहे हैं ?


     क्या इन सबको सांप सूंघ गया है ? क्या यह सब केवल वोट की राजनीति करते हैं ? क्या इन्हें इसी आम जनता से सिर्फ वोट चाहिए ? क्या यह इस आम जनता के बगैर कुर्सी पर बैठे रहेंगे इनको अच्छा लगेगा ? मानवता इनके अंदर से खत्म हो गई है ? एक सवाल तो बनता है अंदर से #झकझोर रहा है मुझे , तो लगा क्यों ना मैं उनसे भी एक सवाल करूं, क्यों न उनके मन को झकझोरू, क्या इस महामारी का कोई अंत नहीं है ? इसका कोई इलाज नहीं है ? 


     क्या आपके पास संसाधनों की कमी है ? अगर एक विधायक खरीदना हो तो "100-करोड" रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन इस महामारी में कुछ एक को छोड़कर सब छुपे हुए हैं ? आखिर क्यों ? मैं आप सभी से आम जनता से भी निवेदन करूंगा कि इन #नेताओं और #राजनेताओं #अभिनेताओं फिल्म स्टारों से एक सवाल तो पूछो कि आपकी भी तो देश के प्रति जिम्मेदारी बनती है जो कोरोना महामारी फैली हुई है इसमें आपका दायित्व है कि आप देश हित में कार्य करें । 


     लेकिन मेरा सबसे पहले देश के प्रथम नागरिक #राष्ट्रपति जी से और देश के कर्ताधर्ता #प्रधानमंत्री जी से सीधा सवाल है क्या आपको नींद आ जाती है ? हजारों हजारों लोग रोज मर रहे हैं यह देश आपका परिवार है इसको बचा लो जितना जल्दी से जल्दी हो सके इस महामारी से निपटने के उपाय ढूंढो और आम जनता को बचाओ नहीं तो देश आपको कभी माफ नहीं करेगा । इतिहास में पढ़ाया जाएगा कि जब हजारों हजारों लोग एक दिन में मर रहे थे तब देश के #प्रधानमंत्री चुनावों में व्यस्त थे और "मन की बात" कर रहे थे यह #दुखद भी है और बहुत #पीड़ादायक है और #शर्मनाक तो है ही ।


✍️

सोमवीर सिंह 


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